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पैडमैन: महिलाएं देखे ना देखे मगर पुरुषों को जरुर देखनी चाहिए

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पैडमैन :  महिलाएं देखे ना देखे मगर पुरुषों को जरुर देखनी चाहिए अक्षय कुमार की शायद ये पहली फिल्म होगी जिसको देखने के लिए मेरे मन में कोई खासा उत्साह नहीं था , मगर रात में अचानक एक दोस्त का फोन आया कि कल फिल्म देखने चलते हैं मैं उसे मना नहीं कर सकती थी तो मैंने ना जाने क्यों बड़े अनमने मन से फिल्म देखने के लिए हामी भर दी , (यहां बता दूं कि मेरी कई फेविरेट फिल्मों में अक्षय की एयरलिफ्ट , बेबी , रुस्तम और हॉलीडे शामिल है) दरअसल मुझे लगा था कि ये फिल्म एक सोशल मैसेज पर बनी अक्षय कुमार की पिछली फिल्म “ टॉयलेट - एक प्रेम कथा ” की तरह एक सरकारी विज्ञापन होगी मगर शुक्रिया आर बाल्की , स्वानंद किरकिरे और ट्विंकल खन्ना आपने मुझे निराश नहीं किया। फिल्म एक सोशल मैसेज पर बनी बेहतरीन फिल्म है लेकिन इसको समझने के लिए आपका सेंसिटिव होना जरूरी है। ये फिल्म बताती है कि महिलाएं कितना कुछ सहती है और उफ्फ तक नहीं करती हैं। फिल्म के एक डॉयलॉग में अक्षय कुमार अपनी टूटी- फूटी अंग्रेजी में कहते भी दिखते हैं कि अगर औरतों को जो तकलीफ सहनी पड़ती है अगर पुरुषों को सहनी पड़े तो आधे घंटे में वो मर जाए...
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राजपूताना इमेज का ओवर डोज है फिल्म पद्मावत निर्देशक : संजय लीला भंसाली कलाकार : दीपिका पादुकोण , रणवीर सिंह , शाहिद कपूर , जिम सरभ , अदिति राव हैदरी , रजा मुराद , अनुप्रिया गोयनका क्यों देखें ' पद्मावत ' - इतने विवाद के बाद ये जानने के लिए कि फिल्म में कुछ विवादित है भी या नहीं साथ ही अगर रणवीर सिंह की एक्टिंग के फैन हैं तो ये फिल्म आपको जरुर देखनी चाहिए , भंसाली के भव्य सेट डिजाइन और बेहतरीन सिनेमेटोग्राफी के लिए साथ ही बेहतरीन डॉयलाग के लिए और 3 D इफेक्ट्स का मजा लेने के लिये इस फिल्म को देखना बनता है। क्यों न देखें ' पद्मावत '- फिल्म देखने से पहले अगर जबरदस्ती का राजपूता ना खून उबाल मार रहा है तो क्योंकि आखिर में निराशा ही हाथ लगेगी , पूरी फिल्म राजपूतों की जय- जय ही करती है और अगर भंसाली की महत्वकांक्षी फिल्म से कुछ अलग की उम्मीद है तो ये फिल्म आपके लिए नहीं है , फिल्म की लंबाई और ढ़ीली पटकथा आपको निराश करेगी , कहीं- कहीं फिल्म के कुछ सीन्स आपको अटपटे लगेंगे और हो भी क्यों ना इतनी काट-छांट के बाद तो फिल्म परदे तक आ सकी है। इतना ही नहीं इतिह...

क्या ये माहिरा के नाम पर माहौल बनाने की कोशिश है ?

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सिनेमा और संगीत हमेशा से दो देशों की सीमाओं के बीच सौहार्द बनाए रखने की कड़ी माना जाता रहा है। इस भावना के चलते ही भारत कई पाकिस्तानी कलाकारों को प्लेटफॉर्म मुहैया कराता रहा है। लेकिन इस बीच एक ऐसा बयान सामने आया है जो इस भावना पर संदेह पैदा करता है। फिल्म रईस का निर्देशन कर चुके राहुल ढोलकिया ने बयान दिया है कि भारतीयों ने पाकिस्तानी कलाकार के साथ गलत किया। राहुल ढोलकिया ने ट्विटर पर पाकिस्तानी कलाकार माहिरा खान के इंटरव्यू को शेयर करते हुए कहा कि “ कहीं न कहीं मुझे लगता है कि हम गलत थे. हमारे लोग भूल गए थे कि वह (माहिरा खान) एक कलाकार है , दुश्मन नहीं. हम एक कलाकार के तौर पर उसके अधिकारों से दूर रहे, ये गलत था । माहिरा आप बेमिसाल हो , रईस का हिस्सा बनने के लिए शुक्रिया. बता दें कि माहिरा खान ने शाहरुख खान के साथ आई फिल्म रईस में काम किया है और उसी वक्त उरी आतंकी हमले के बाद कुछ संगठनों ने पाकिस्तानी कलाकारों को बैन करने की मांग की थी। रईस की रिलीज के सालभर बाद निर्देशक राहुल ढोलकिया ने पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान का समर्थन किया। दरअसल दुबई में माहिरा खान से इस फिल्म को ले...

'Virushka' महोब्बत Not Out

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ये एक ऐसी तस्वीर है जिसे देखकर हर दिल एक बार जरूर धड़का होगा। हर दिल में बसे प्यार का सितार एक बार जरूर बजा होगा। हर चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान जरूर बिखर गई होगी और नये नवले प्यार के समुद्र में डूबने वालों का तो क्या कहना उन्हें तो जैसे इस तस्वीर में अपना मक्का – मदीना मिल गया होगा..जी हां ये तस्वीर ऐसे दो प्यार करने वाले परिंदों की है जिन्होंने अपने प्यार के साथ- साथ अपने करियर को भी सफलता की ऊंचाईयों तक पहुंचाया है और इस दौर में सफलता का भरपूर   स्वाद ले रहे हैं..हम बात कर रहे हैं क्रिकेट खिलाड़ी विराट कोहली और बॉलीवुड सेंसेशन अनुष्का शर्मा की जो इटली की एक बेहद खूबसूरत जगह टस्कनी में सात फेरों के साथ एक-दूजे के हो गए। कहने को तो अनुष्का और विराट सेलेव्रिटी हैं, आमतौर पर सेलेव्रिटीज की शादी को लोग अपने से कम कनेक्ट कर पाते हैं मगर जब अनुष्का और विराट की शादी की तस्वीरें और वीडियोज सामने आए तो हर एक आम शख्स ने भी अपने प्यार को महसूस किया क्योंकि अनुष्का और विराट का प्यार भी आप और हम जैसे लोगों के प्यार की तरह ही कई उतार- चढ़ाव से गुजरा है मगर वो कहते हैं ना कि अगर किसी ...
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मेरे  बारे में कोई राय मत रखना , मेरा वक्त बदलेगा तुम्हारी राय बदल जाएगी ।। ना लोगों की कही सुनो , ना लोगों की राय को दिल से लगाओ क्योंकि जब वक्त बदलेगा तो लोगों की राय भी बदल जाएगी ,  जी हां ऐसा ही कुछ हुआ है  विश्व सुंदरता के  वर्ल्ड स्टेज  पर 17 साल का सूखा दूर करने वाली देश की गौरव मानुषी छिल्लर के साथ , जैसे ही साधारण सी दिखने वाली हरियाणा की मानुषी छिल्लर के सिर पर विश्व सुंदरी का ताज सजा वैसे ही आलोचना करने वालों का मुंह भी खुल गया , मानुषी की सफलता को लोगों ने कॉस्मेटिक इंड्रस्टी की मार्केटिंग स्ट्रेटजी तक बता दिया , मानुषी के बारे में जानकारी 4-जी की स्पीड से भी तेज निकाली जाने लगी , कुछ ही घंटों में लोगों ने मानुषी छिल्लर के भूत , भविष्य और वर्तमान की व्याख्या   कर डाली ,   कुछ ही घंटों में मानुषी के वीडियो और फोटोज सोशल मीडिया में वायरल होने लगे। वायरल हो रहे वीडियो में मानुषी ने कॉलेज ड्रेस पहन रखी है और वो कह रही हैं कि दोस्तों , मेरा नाम मानुषी है और मैं बीपीएस गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (सोनीपत) में फर्स्ट ईयर एमबीबीएस की स्टूडेंट...
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Shaadi Main Zaroor Aana :You may find  it ludicrous but I found it humorous 😉 I know am late to review on this movie, but I have no choice .... 😊  most of people find this movie ridiculous but for me it’s quite entertaining , without any second thought its totally paisa vasool film for me ….yeah that’s true there is lot of contradiction , you cannot easily digest the sequence and thought of the story writer, as how is it possible Aarti ( kriti Kharbanda) is a PCS mains topper but she has zero personality , some way it’s also serial-like plot gets stretched in various directions, even most of the people find the “revenge” angle is ludicrous but I found it humorous. As i am having central Uttar Pradesh background so I feel more connected with the dialogue. Through this love story writer try to put a ray of light on the issue of dowry and  corruption incorporated in society and promotes gender inequality. After so much of Gyan lets move on the main point of the f...
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ममता दीदी..तेरी ये जिद्द ले डूबेगी ! बंगाल की शेरनी के नाम से जानी जाने वाली ममता बनर्जी सत्ता सुख के लिए इस कदर उतावली हो गई हैं कि अब उन पर ना कोर्ट की फटकार का असर हो रहा है ना जनता के विरोध का। आप कह सकते हैं कि सत्ता की चाह ने दीदी को अंधा कर दिया है मगर क्या वोट के लालच में किसी राजनेता का इस तरह व्यवहार करना ठीक है ? सत्ता की जिस चाहत के चलते वो बंगाल की विलेन बनती जा रही हैं कहीं वही चाहत उनके पतन का कारण ना बन जाए ? वैसे कहा भी जाता है कि “ विनाश काले विपरीत बुद्दि ”, तो कहीं दीदी के ये कर्म उनके विनाश काल की ओर तो नहीं बढ़ रहे हैं ? दीदी को इस बार भी कोर्ट से उसी जिद्द पर फटकार लगी हैं जिस पर पिछले साल कोर्ट ने कहा था कि ये फैसला साफतौर पर एक समुदाय विशेष को खुश करने के लिए लिया गया है ममता बनर्जी की नज़र पश्चिम बंगाल के उन 30 फ़ीसदी मुसलमानों पर है मगर ऐसा करते वक़्त वो शायद उस 70 फीसदी आबादी को भूल गई हैं जो कि बहुसंख्यक है। चलिए अब आपको दीदी की उन संभावित पांच बड़ी गलतियों के बारे में बताते हैं जो आने वाले समय में उनको सत्ता की गद्दी से दूर कर सकती है .... ...